Wednesday, October 31, 2018

धारा 7 को जानिए जिसके इस्‍तेमाल होने पर गवर्नर दे सकते हैं इस्‍तीफा


धारा 7 को जानिए जिसके इस्तेमाल होने पर गवर्नर दे सकते हैं इस्तीफा, Breaking News Live Update
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया और केंद्र सरकार के बीच टकराव अब निर्णायक मोड़ पर नजर रहा है। आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल आज इस्तीफा दे सकते हैं।  अगर सरकार और आरबीआई के बीच हालात सामान्य नहीं हुए तो सरकार रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ऐक्ट, 1934 के सेक्शन 7 का सहारा लेने पर विचार सकती है।  रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के 83 साल के इतिहास में कभी, किसी सरकार ने इसका इस्तेमाल नहीं किया।  उनकी इस बात को लेकर यह संकेत माना गया की अगले साल होने वाले आम चुनाव से पहले रिजर्व बैंक की नीतियों में राहत देने के लिए मजबूर किया जा रहा है।  आरबीआई कानून की धारा -7 केंद्र सरकार को जनहित में रिजर्व बैंक को निदेश जारी करने का अधिकार देती है। भारतीय रिजर्व बैंक कानून, 1934 की धारा 7 का इस्तेमाल नहीं किया है। Click now Breaking News Live Update

 वित्त मंत्रालय ने केंद्रीय बैंक के साथ विवादों का निपटान करने के लिए रिजर्व बैंक कानून के तहत उपलब्ध इस धारा का उल्लेख किया है। धारा 7 प्रबंधन से संबंधित है।  इसके अलावा धारा 7(2) सरकार को रिजर्व बैंक के कामकाज का संचालन उसके केंद्रीय निदेशक बोर्ड को देने का अधिकार देती है। बताया जा रहा है की वित्त मंत्रालय ने आरबीआई कानून की धारा 7 के तहत रिजर्व बैंक को तीन अलग-अलग पत्र लिखे हैं। और अधिक जानकारी के लिए हमारी वेबसाइट पर देख सकते है www.factskeeper.com.


Breaking News Live Update


Breaking News Live Update, स्टैच्यू ऑफ यूनिटी

आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बधुवार को सरदार वल्लभभाई पटेल की 143वीं जयंती पर उनकी 182 मीटर ऊंची विशालकाय प्रतिमा का अनावरण कर दिया है. गुजरात के केवड़िया में बनी दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमास्टेच्यू ऑफ यूनिटी को रिकॉर्ड समय में तैयार किया गया है।  इसकी ऊंचाई का अंदाजा आप ऐसे भी लगा सकते हैं कि यह प्रतिमास्टेच्यू ऑफ लिबर्टी से दोगुनी ऊंची है।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने  की कई बार हैरान रह  की जब देश में ही कुछ लोग हमारी इस मुहीम को राजनीति से जोड़कर देखते है।  सरदार वल्लभभाई पटेल जैसे महापुरुष थे और देश के सपूतो की परसंसा करने के लिए भी हमारी आलोचना होने लगती है।
 गुजरात सरकार द्वारा बनवाए गए स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर अब तक 2300 करोड़ खर्च हो चुके हैं। माना जा रहा है कि अभी इसकी लागत तीन हजार करोड़ तक पहुंच सकती है। वहीं, महाराष्ट्र सरकार द्वारा बनवाए जा रहे छत्रपति शिवाजी मेमोरियल अथवा शिवा स्मारक की लागत करीब 3800 करोड़ रुपये है। मुंबई में अरब सागर के भीतर बना रहे छत्रपति शिवाजी महाराज मेमोरियल या शिवा स्मारक को जल्द ही दुनिया के सबसे ऊंचे स्टैच्यू का खिताब मिल जाएगा। Click now Breaking News Live Update

 शिवा स्मारक की ऊंचाई 190 मीटर है, जबकि स्टैच्यू ऑफ यूनिटी 182 मीटर ऊंचा है।  शिवा स्मारक समिति के अध्यक्ष विनायक मेटे ने बताया है कि शिवा जी का स्टैच्यू दुनिया में सबसे ऊंचा होगा।  हालांकि बेस को मिलाने पर स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की ऊंचाई अधिक होगी। इसके अलावा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी में सरदार पटेल की सीधी खड़ी मूर्ति है, जबकि शिवा स्मारक की मूर्ति में घोड़े और तलवार की ऊंचाई को भी जोड़ा गया है।  लेटेस्ट न्यूज़ देखने के लिए क्लिक करे www.factskeeper.com.